क्या यह कोरोना था ?

पात्र – एन. चौबे
स्थान – महावीर टोला, आरा.
घटनाक्रम – वे आज से लगभग साल भर पहले आये थे मेरे पास.. अपनी समस्या का समाधान पाने के लिए.
उस समय मैंने कुछ सिद्ध मुद्रिका और कवच बनवा लेने की सलाह दिया था.
साथ मे कुछ पूजा और टोटका करते रहने की भी सलाह दिया था.
वे आधे अधूरा काम करवाये.. लेकिन जो उपाय बतलाया था मैंने उससे उनको लाभ हुआ और विश्वास जमा…. तब 2020 के फरबरी के अंत में फिर मिलने आए.
पुनः कुंडली की जाँच परिक्षण करवाये..इन दिनों इनकी तबियत लगातार ख़राब चल रही थी. कुंडली में किसी गंभीर और घातक बीमारी होने का संकेत था. मैंने यह बात उनको नहीं बतलाया.
बस उपाय बतलाया. इस बार वे सारे सामग्री बनवाये और मैंने सलाह दें दिया.. चाहे कुछ भी घटना घटित हो धारण किया जाने वाला सामग्री उतरना हटाने नहीं है.
इधर जब लॉक डाउन चल रहा था तो उनका फोन आया.. बोलने लगे गजब हो गया था मेरे साथ..तेज बुखार के साथ कुछ भी खाने पर स्वाद ना आना..इसके साथ लीवर के पास असहनीय दर्द.. उफ्फ !!
मैं होम कोरेन्टाइन हो गया..अपनी क्लिनिक बंद कर दी थी..ऐसा लग रहा था कि, अब जीवित रह पाना संभव नहीं है.. ऐसी हालत में भी मै उपाय पर ध्यान देता रहा..और लक्षण के आधार पर दवा लेता रहा..अब मैं ठीक हूँ..बस आपसे मिलना चाहता हुँ.. मैंने ईश्वर को धन्यवाद देते हुए कहा..अभी तो बहुत-सा एरिया कोरोना के चलते सील किया हुआ है..स्थिति सुधर जाने दीजिये.. अवश्य मिलिए.. आपका स्वगात है.
बाद में मैं काफ़ी देर तक सोचता रहा कहीं वे कोरोना से संक्रमित तो नहीं हो गए थे ? यदि हाँ तो, हिम्मत और उचित उपाय और इलाज से इसी तरह ठीक हुआ जा सकता है.. जिस तरह से चौबे जी ठीक हुए.
लेख साभार :
ज्योतिर्विद मुकुंद
ज्योतिष कार्यालय,
आरा, बिहार.
व्हाट्सप्प – 9334534189

Leave a comment